
देश में अलग-अलग कई रिकार्ड अब तक बने हैं. इनमें ताजा तीन रिकार्ड जुड़े हैं. लोकसभा में पहली बार किसी पीएम ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस का जवाब नहीं दिया. विपक्ष ने चीनी घुसपैठ और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ऐसा बवेला मचाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मजबूर होकर राज्यसभा में विपक्ष को जवाब देना पड़ा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की मानें तो विपक्ष की योजना प्रधानमंत्री पर हमला करने की थी. इस आशंका की पुष्टि इसलिए भी होती है कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री की घेराबंदी करने की कोशिश की थी. दूसरा रिकार्ड नेता प्रतिपक्ष ने बनाया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर स्पीकर ने उन्हें बोलने नहीं दिया और रोक-टोक के पहले उनके बोले गए शब्दों को लोकसभा के रिकार्ड से हटा दिया गया. स्पीकर का कहना था कि राहुल गांधी पूर्व थल सेना प्रमुख की एक पुस्तक के हवाले से बोल रहे थे, जो सदन के नियमों के प्रतिकूल है. तीसरा रिकार्ड पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम रहा. ममता बनर्जी बंगाल SIR पर बहस के लिए वकील के वेश में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं.
